पंजीयन

समाज के सदस्यों के पंजीकरण, पैन कार्ड, संस्था आधार और अन्य आवश्यक रजिस्ट्रेशन संबंधी जानकारी यहां सरल रूप में उपलब्ध है।

इतिहास

प्रजापति समाज का इतिहास, श्री गोर माता की कथा और गोत्रों की सूची जैसी महत्वपूर्ण परंपरागत जानकारियां यहां देखी जा सकती हैं।

क्षेत्र

समाज के अंतर्गत आने वाले 84 गांवों की जानकारी, क्षेत्रीय विस्तार और सामाजिक संरचना का परिचय इस पेज पर दिया गया है।

कार्यकारिणी

समाज की वरिष्ठ कार्यकारिणी, युवा कार्यकारिणी, अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों का परिचय एवं उनकी जिम्मेदारियों की जानकारी यहां उपलब्ध है।

संस्थापक

समाज के संस्थापक का परिचय, उनके विचार और समाज निर्माण में दिए गए विशेष योगदानों का संक्षिप्त विवरण इस सेक्शन में दिया गया है।

पूर्व अध्यक्ष

समाज के पूर्व अध्यक्षों का परिचय, उनके कार्यकाल और समाज विकास में किए गए महत्वपूर्ण कार्यों की जानकारी यहां उपलब्ध है।

हमारे बारे में

मेवाड़ा प्रजापत समाज सेवा संस्थान, कैलाशपुरी

मेवाड़ा प्रजापत समाज सेवा संस्थान, मेवाड़ समाज की एकता, सामाजिक विकास, शिक्षा, संस्कार और सेवा भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कार्यरत एक सक्रिय सामाजिक संगठन है। संस्थान का मुख्य केंद्र श्री श्रीयादे माताजी मंदिर, कैलाशपुरी (उदयपुर) है, जहाँ से समाज हित के विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों का संचालन किया जाता है।

संस्थान की स्थापना समाज के बंधुओं के सहयोग और आशीर्वाद से वर्ष 1990 में की गई। संस्थान का उद्देश्य समाज को संगठित करना, सामाजिक समस्याओं का समाधान करना, समाज के व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करना, समाज में शिक्षा के स्तर को उपर उठाना, युवाओं को सही दिशा प्रदान करना तथा समाज को सहयोग उपलब्ध कराना है। संस्थान के नेतृत्व में समाज के विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और सेवा कार्य निरंतर किए जा रहे हैं। संस्थान को वर्ष 2008-09 में नियमानुसार पंजीकृत कराये जाने की कार्यवाही कराते हुए पंजीकरण कराया गया। स्थापना के बाद से ही संस्थान समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है, जिनमें सामाजिक सेवा, धार्मिक आयोजन, युवा विकास, शिक्षा सहयोग तथा समाज में आपसी समन्वय स्थापित करना प्रमुख हैं।

कार्यक्रम एवं गतिविधियाँ

युवा अध्यक्ष

धीरज प्रजापत

  • श्री धीरज प्रजापत एक ऊर्जावान] सक्रिय और समाज सेवा के प्रति समर्पित युवा नेतृत्वकर्ता हैं। अगस्त 2025 में हुए चुनावों के पश्चात नवम्बर माह में इन्हें युवा अध्यक्ष पद पर मनोनीत किया गया। युवा नेतृत्व के रूप में इनकी पहचान एक ऐसे कार्यकर्ता की है जो समाज के युवाओं को संगठित कर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने का निरंतर प्रयास करते हैं।
  • शिक्षा के क्षेत्र में इन्होंने मार्केटिंग एवं फाइनेंस विषय में एमबीए की डिग्री प्राप्त की है। साथ ही खेल क्षेत्र में भी इनकी उल्लेखनीय उपलब्धियां रही हैं। मोहनलाल सुखाडिया विश्वविद्यालय, उदयपुर से बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता में दो बार स्वर्ण पदक विजेता रह चुके हैं, जो इनके अनुशासन, परिश्रम और समर्पण का प्रतीक है।
  • वर्तमान में श्री धीरज प्रजापत ईंटों एवं रियल एस्टेट के व्यवसाय से जुड़े हुए हैं और अपने व्यवसाय के साथ-साथ सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय योगदान दे रहे हैं। इनमें अपनी टीम के साथ मिलकर कार्य करने, संयोजन और समन्वय स्थापित करने की विशेष क्षमता है।
  • समाज के युवाओं को सामाजिक और सेवा गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
  • युवा अध्यक्ष के रूप में अपने छोटे से कार्यकाल में इन्होनें रक्तदान शिविर का सफल आयोजन करवाया। इस शिविर में 131 यूनिट रक्तदान प्राप्त हुआ जो समाज के लिए एक प्रेरणादायक उपलब्धि रही।
  • इस कार्यक्रम में उन्होंने सभी क्षेत्रों के युवाओं को आमंत्रित किया और सभी से विनम्रतापूर्वक निवेदन कर कार्यक्रम में भाग लेने तथा रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया। उनकी सक्रियता] समन्वय क्षमता और नेतृत्व के कारण बड़ी संख्या में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया] जिसके परिणामस्वरूप इस शिविर में रिकॉर्ड रक्तदान प्राप्त हुआ।

समाज की अपेक्षा

  • समाज को श्री धीरज प्रजापत जैसे युवा नेतृत्व से भविष्य में भी अनेक सामाजिक और सेवा कार्यक्रमों की अपेक्षा है। उनके उत्साह] ऊर्जा और संगठन क्षमता से समाज के युवाओं को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

संदेश

  • युवा समाज की सबसे बड़ी शक्ति हैं। यदि युवा सकारात्मक सोच और सेवा भावना के साथ समाज के कार्यों में आगे आएं] तो समाज का विकास और प्रगति निश्चित है। हमें मिलकर समाज की एकता] सेवा और सहयोग की भावना को मजबूत बनाना चाहिए।