संस्थापक – परिचय
संस्थापक – परिचय
| नाम | बंशीलाल कुम्हार |
| पिता का नाम | जीवा जी कुम्हार |
| पद | संरक्षक एवं पूर्व अध्यक्ष ( 1990 & 2017) |
| पता | बेदला उदयपुर राजस्थान |
जीवन परिचय
आप समाज के एक सम्मानित एवं समर्पित सामाजिक कार्यकर्ता रहे हैं। उन्होंने वर्ष 1990 से 2017 तक अध्यक्ष पद पर रहते हुए समाज की सेवा की और समाज को संगठित तथा सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्तमान में आप संस्थान के संरक्षक के रूप में अपने अनुभव और मार्गदर्शन से समाज को दिशा प्रदान कर रहे हैं।
आपके नेतृत्व में समाज में आपसी एकता, सहयोग और संगठन की भावना को मजबूती मिली। उन्होंने समाज के विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं संगठनात्मक कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
इसके साथ ही उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र दोनों में सक्रिय रूप से सहयोग दिया तथा राजनीतिक क्षेत्र में विभिन्न संवैधानिक पदों पर रहते हुए जनसेवा का कार्य किया। उनके प्रयासों से समाज में संगठनात्मक मजबूती और सामाजिक जागरूकता बढ़ी तथा समाज के अनेक कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुए।
समाज में योगदान एवं महत्वपूर्ण उपलब्धियां
- समाज की एकता और संगठन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका।
- समाज के बंधुओं को एक मंच पर लाकर सामाजिक समरसता को बढ़ावा दिया।
- अपने अध्यक्ष पद के कार्यकाल में समाज के 4 सफल सामूहिक विवाह कार्यक्रमों का आयोजन।
- बालविवाह एवं मृत्युभोज जैसी कुरीतियों के समापन हेतु विशेष प्रयास
- समाज में शिक्षा सम्मान की पहल कर वार्षिक आयोजन में प्रतिभाशाली छात्र छात्राओं को पुरूस्कृत किया जाना प्रारंभ किया।
- समाज की जाजम को नशामुक्त करने पर जोर देते हुए किसी भी सार्वजनिक आयोजन में प्रतिबंधित किया।
- सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में नेतृत्व।
- समाज के विकास के लिए आर्थिक एवं सामाजिक सहयोग।
संदेश
समाज की प्रगति एकता सहयोग और सेवा की भावना से ही संभव है। हमें मिलकर समाज के विकास और नई पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर कार्य करना चाहिए।”

